Episode's summary
आज के एपिसोड में अश्वमेध का अश्व मणिपुर पहुँचता है, जहाँ अर्जुन का सामना अपने ही पुत्र बभ्रुवाहन से होता है। पिता और पुत्र के बीच ऐसा युद्ध छिड़ता है जिसका अंत एक चौंकाने वाली घटना से होता है। इसके पीछे छिपा है उलूपी का एक पुराना रहस्य, जिसका संबंध भीष्म पितामह और कुरुक्षेत्र युद्ध से है। जानिए क्यों अर्जुन की यह पराजय वास्तव में उनके एक पुराने कर्म से मुक्ति का मार्ग बनती है।
आज के एपिसोड में अश्वमेध का अश्व मणिपुर पहुँचता है, जहाँ अर्जुन का सामना अपने ही पुत्र बभ्रुवाहन से होता है। पिता और पुत्र के बीच ऐसा युद्ध छिड़ता है जिसका अंत एक चौंकाने वाली घटना से होता है। इसके पीछे छिपा है उलूपी का एक पुराना रहस्य, जिसका संबंध भीष्म पितामह और कुरुक्षेत्र युद्ध से है। जानिए क्यों अर्जुन की यह पराजय वास्तव में उनके एक पुराने कर्म से मुक्ति का मार्ग बनती है।
Episodes
050 – अश्वमेध यज्ञ 3: अर्जुन की मृत्यु
Listenedआज के एपिसोड में अश्वमेध का अश्व मणिपुर पहुँचता है, जहाँ अर्जुन का सामना अपने ही पुत्र बभ्रुवाहन से होता है। पिता और पुत्र के बीच ऐसा युद्ध छिड़ता है जिसका अंत एक चौंकाने वाली घटना से होता है। इसके पीछे छिपा है उलूपी का एक पुराना रहस्य, जिसका संबंध भीष्म पितामह और कुरुक्षेत्र युद्ध से है। जानिए क्यों अर्जुन की यह पराजय वास्तव में उनके एक पुराने कर्म से मुक्ति का मार्ग बनती है।
049 - अश्वमेध :अर्जुन की यात्रा, पुराने वैर
Listenedआज के एपिसोड में हम सुनेंगे अश्वमेध के अश्व के साथ अर्जुन की आर्यावर्त यात्रा, जहाँ उनका उद्देश्य युद्ध नहीं, बल्कि शांति और एकता स्थापित करना था। इस यात्रा में अर्जुन का सामना त्रिगर्त और प्राग्ज्योतिष जैसे पुराने शत्रुओं से होता है, जहाँ कुरुक्षेत्र की पुरानी यादें फिर जीवित हो उठती हैं। इसके बाद सिंधु में जयद्रथ की स्मृतियों के बीच दुःशला अर्जुन के सामने आती हैं और कहानी एक बेहद भावुक मोड़ लेती है।
048 – अश्वमेध की शुरुआत: शांति की नई यात्रा
Listenedआज के एपिसोड में हम अश्वमेधिक पर्व की शुरुआत करेंगे। युद्ध जीतने के बाद भी युधिष्ठिर के मन का संघर्ष समाप्त नहीं हुआ था, और पूरे आर्यावर्त को फिर से एकजुट करने का समय आ गया था। जानिए कैसे अश्वमेध यज्ञ केवल एक राजकीय अनुष्ठान नहीं, बल्कि शांति, मेल-मिलाप और नई शुरुआत का प्रतीक बना। इसी के साथ आरंभ होती है अर्जुन की पूरे भारत की अद्भुत यात्रा, जहाँ हर राज्य एक नई चुनौती और नई कहानी लेकर उनका इंतज़ार कर रहा है।
047 - भीष्म के अंतिम उपदेश
Listenedआज के एपिसोड में हम सुनेंगे बाणों की शैया पर लेटे भीष्म पितामह के अमूल्य उपदेश। युधिष्ठिर अपने मन के शोक, धर्म और राजकाज से जुड़े प्रश्न लेकर उनके पास आते हैं। भीष्म उन्हें राजधर्म, आपद्धर्म, मोक्ष, दान, कर्म और जीवन के गहरे सत्य समझाते हैं। अंत में वे विष्णु सहस्रनाम का उपदेश देकर उत्तरायण के समय शांत भाव से अपने प्राण त्याग देते हैं।
046 - युधिष्ठिर : त्याग या जिम्मेदारी
Listenedआज के एपिसोड में हम देखेंगे युद्ध के बाद युधिष्ठिर के मन में उठे गहरे द्वंद्व को, जहाँ विजय के बाद भी उन्हें शांति नहीं मिलती। अपराधबोध और दुख से भरे युधिष्ठिर सब कुछ छोड़कर वन में जाने का विचार करते हैं। यह कथा है उस आंतरिक संघर्ष की, जहाँ राजा और साधु के बीच उनका मन झूलता रहता है।